जिला दण्डाधिकारी राजेश्वर गोयल ने कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम के लिए किए आदेश जारी
बिलासपुर / 18 मार्च / एन एस बी न्यूज़
जिला दंडाधिकारी राजेश्वर गोयल ने धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंद लगा दिया है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की ओर से जारी आदेशों की अनुपालना करते हुए आमजन के हित में आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी आदेशों तक सभी श्रद्धालुओं के धार्मिक स्थलों पर प्रवेश के लिए प्रतिबंद रहेगा। उन्होंने बताया कि पूजा-अर्चना पूर्व की भांति जारी रहेगी लेकिन इसमें केवल पुजारी ही पूजा सम्पन करेंगे। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यदि संभव हो तो वेबकास्टिंग के माध्यम से पूजा-अर्चना के प्रसारण की व्यवस्था सम्बन्धित धार्मिक संस्थान के प्रबंधक करेंगे।
उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाए तथा किसी भी तरह के सत्संग, जगराता, जागरण, र्कीतन, पार्टी, लंगर, भोज, भण्डारा सामुदायक रसोई इत्यादि से परहेज करें। उन्होंने बताया कि किसी भी आवश्यक भीड़ के लिए उन्हें बताना पड़ेगा की यह आयोजन किस आवश्यकता के लिए किया जा रहा है जिसके लिए उन्हें अनुमति लेनी पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि यह बीमारी अनिवार्य रूप से एयरबोर्न/ड्रोपलेट या फोमाइट आधारित संचारण के माध्यम से फैलता है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि जब तक कोई आवश्यक कार्य न हो तब तक यात्रा से बचे ताकि कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि जरूरी कार्य के लिए बाहर जाते हुए समय-समय पर दी जा रही आवश्यक सावधानियां बरतें।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक बिलासपुर जिला के मुख्य द्वारों पर नाका लगाएंगे ताकि श्रद्धालुओं/जन मण्डली इत्यादि को बार्डर पर ही रोका जा सके। उन्होंने बताया कि सम्बन्धित उपमण्डल दण्डाधिकारी ऐसे नाकों पर कार्यकारी मेजिस्ट्रेट की नियुक्ति करेंगे।
उन्होंने बताया कि होटल और गेस्ट हाउस में सभी आगंतुकों पर नजर तथा उनकी यात्रा के इतिहास का पूरा रिकाॅर्ड रखेंगे।
उन्होंने श्री नैना देवी जी मंदिर, तलाई मंदिर तथा अन्य धार्मिक संस्थाएं के समस्त कर्मचारी वर्ग से कहा है कि वे कोरोना वायरस कोविड-19 की निगरानी, बचाव तथा रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। उन्होंने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।