शिमला / 29 मार्च / एन एस बी न्यूज़
जिला दंडाधिकारी शिमला अमित कश्यप ने आज यहां बताया कि लोगों को कफ्र्यू के दौरान घरद्वार पर किराना वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विभिन्न वार्डों के तहत 60 दुकानदारों ने अपनी सहमति प्रस्तावित की है।
उन्होंने बताया कि इन दुकानदारों के नंबरों को प्राप्त कर सूचना जल्द ही उपायुक्त शिमला के फेसबुक अकाउंट पर डाल दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू में ढील वाले समय के अतिरिक्त प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक इनके द्वारा किराना वस्तुओं की आपूर्ति घरद्वार पर मांग के अनुरूप की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ संस्थाओं अथवा स्वयंसेवकों ने ऐसे बुजुर्गों या लोगों जो राशन, सब्जी, दूध आदि खरीदने के लिए पहुंचने में असमर्थ है के लिए अपनी सेवाएं देने का नाम प्रस्तावित किया है। उन्होंने कहा कि दवाई की दुकानों के संबंध में भी स्वयंसेवी तौर पर सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों के नंबरों की पहचान कर डीसी शिमला फेसबुक पर सूचना संप्रेषित की जाएगी, जहां से लोग नंबर प्राप्त कर दवाईयां मंगवा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जिला के दूर-दराज के क्षेत्रों में जिन लोगों की दवाई आईजीएमसी की दवाई की दुकानों में ही मिलती है, को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लोग अपनी दवाई की पर्ची में दवाई का उल्लेख कर संबंधित एसडीएम को व्हाट्सएप करें। उपमण्डलाधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी से दवाई का निर्धारित सत्यापन करवा कर शिमला उपायुक्त कार्यालय को भेजेंगे, जहां से दवाई प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों को भेज दी जाएगी ताकि दूर-दराज से उस व्यक्ति को दवाई लेने शिमला न आना पड़े।उन्होंने कहा कि हम जहां हैं वहीं रुके रहे कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यही सब के हित में है। किसी आपातकाल स्थिति अथवा घर में हादसे या चिकित्सा परिस्थितियों की आवश्यकता की अवस्था के अनुरूप ही लोेगों को आने-जाने के लिए पास दिए जाएंगे, जिसके लिए संबंधित अधिकारी का व्हाट्सएप नंबर डीसी शिमला फेसबुक पर देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर परिस्थितियों अथवा चिकित्सा अवस्था में लोगों को नहीं रोका जा रहा है, जिसके तहत कीमो, प्रसव, चिकित्सा आपातकालीन स्थितियां शामिल है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों को वहीं रोका जाए, यदि जिला के विभिन्न क्षेत्रों अथवा अन्य जिलों से लोग आते हैं तो उन्हें 14 दिन तक संस्थागत क्वाॅरेंटाइन समय के लिए रखा जाएगा, उसके पश्चात ही उन्हें घर जाने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में पीजी में रह रहे बच्चों के अभिभावकों के संदेश आने पर उन्होंने प्रदेश सरकार से ऐसे बच्चों को हिमाचल भवन चण्डीगढ़ में उनके खाने-पीने व अन्य व्यवस्था का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त दिल्ली हिमाचल भवन तथा रेजिडेंट कमिश्नर आॅफिस दिल्ली में भी व्यवस्था करने की इस संबंध में सरकार से बात की गई है।